आज अटल सबको हैरान कर गए,
माँ भारती का आँचल वीरान कर गए,
बड़ी शिद्दत से जला एक
उजालों का दीप था,
अब बस तमस बचा है
ये ऐलान कर गए
आज अटल सबको हैरान कर गए...
ले काफ़िला चले थे वे
मंज़िल की ओर को,
खामोश हो अनंत में
विश्राम कर गए,
आज अटल सबको हैरान कर गए...
जिनके विराट कद से,
बौना था आसमां,
वे आज अपनी हस्ती
गुमनाम कर गए
आज अटल सबको हैरान कर गए...
जिनके सदा अल्फ़ाज़ को
सुनता था ज़माना,
वे आज अपने शब्द को
विराम कर गए
आज अटल सबको हैरान कर गए...
मुस्कान से था जिनके
खिलता वो गुलिस्ताँ,
रवानगी से अपनी
श्मशान कर गए
आज अटल सबको हैरान कर गए...
भीष्म जैसे सोए वे
बाणों की सेज पर,
वे अटल सत्य
विधि का विधान कर गए
आज अटल सबको हैरान कर गए...
युगपुरुष नहीं है ऐसा
हर युग के भाग्य में,
बंधन सभी के तोड़
आज उड़ान भर गए
आज अटल सबको हैरान कर गए...
माँ भारती का आँचल वीरान कर गए....
ऋषिराज वोरा
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